Wednesday, 19 October 2011

परिचय


प्रिय मित्रों,
इस ब्लॉग के माध्यम से मैं अपनी रचनाओं का परिचय आपको करूँगा और आपके सुझाव व
आलोचनाओ का स्वागत करूँगा ताकि बेहतर रचना दे सकू. प्रस्तुत है पहली कविता इस ब्लॉग पर.
धन्यवाद. 
रामकिशोर उपाध्याय
19.10.2011

'लोग कहें मधुप,  मैं कहूँ फ़कीरी'

हूँ विनम्र , पर झुकता नहीं मस्तक ,
लोग कहे अभिमानी, मैं कहूँ खुद्दारी.

हूँ  राजा , पर लुटता नहीं अविवेक,
लोग कहें कृपण, मैं कहूँ व्यवहारी .

हूँ समर्पित, पर करता नहीं अनुकरण,
लोग कहें एकाकी, मैं कहूँ मजेदारी .

हूँ कठोर ,पर थोपता नहीं अनुशासन, 
लोग कहें मृदुल , मैं कहूँ समझदारी .

हूँ मुक्त, पर भूलता नहीं  अनुपालन,
लोग कहें मधुप,  मैं कहूँ फ़कीरी.

   २४.९.२०११