Wednesday, 31 October 2012

स्टिंग ऑपरेशन (एक व्यंग)



अभी दो दो तीन दिन पहले की बात है
 कि मैं  दफ्तर से घर पंहुचा  और  अपना पसीना सुखा रहा था और टीवी  के सामने अलग -अलग  ख़बरों की चुस्की भी ले रहा था. रिमोट के आगमन के बाद वैसे भी किसी भी एक चैनल के प्रति प्रतिबद्धता समाप्त हो सी गयी हैं. बटन दबाते रहो किसी न किसी चैनल पर कोई न कोई ब्रैकिंग न्यूज़ और मसालेदार समाचार मिल ही जायेगा. तभी अचानक 'ब्रैकिंग न्यूज़ ' शीर्षक के अंतर्गत विशेष खबर प्रसारित हो रही थी. एंकर बार-बार बता रहा था की कैसे एक राज्य का मुख्यमंत्री अपने जन्मदिन के शुभ अवसर पर बार-बालाओं के साथ नृत्य कर रहा था. एंकर यह भी बता रहा हैं कि किस प्रकार उसके संवाददाता ने जानकारी मिलने पर उसी होटल में अपना कमरा बुक कराया और किस प्रकार वह छद्म रूप से उस पार्टी में प्रवेश करके रिकॉर्डिंग कर पाया.  यह देखकर मैं संवाददाता और उसके कैमरा मेन के साहसिक कृत्य पर गदगद था कि मानो हमारे खुफिया संगठन 'रा' का एक बहादुर एजेंट पाकिस्तान के परमाणु ठिकाने  की रेकार्डिंग कर रहा हो. परन्तु तत्क्षण मुझे अपने देश की खुफिया तंत्र की निरर्थकता का बोध हुआ और सोचने लगा कि  हम  क्यूँ ऐसी जानकारी नहीं जुटा  पाते. कहते हैं,. जबकि अपने चैनलों के एजेंट कितने बहादुर होते हैं कि समुन्दर की गहराई से ऐसी- ऐसी जानकारी ले आते हैं जिसपर सहसा विश्वास नहीं होता है. और सोचने लगा कि क्यों न यह जासूसी का काम देश के सारे चैनलों को बाँट  दिया जाय. अंग्रेजी चैनलों को अंग्रेजी भाषा वाले देशों की जासूसी पर लगा दिया जाय, स्थानीय (लोकल) चैनलों को एशिया के देश दे दिए जाय, शेष विश्व  के देश हिंदी चैनलों को दे दिए जाय. धार्मिक चैनलों को धर्म-परिवर्तन करने वाले देशों के पीछे लगा दिया जाय.मैं यह सोच ही रहा था कि   अचानक मेरे मित्र वर्मा जी घर पर आ धमके और डोरबेल दबाई.मैं फटाफट उठकर कपडे पहनने लगा. 
वर्मा जी  बैठते ही बोले 'अरे भाई बड़े खुश दिखाई दे रहो हो , क्या बात है. टीवी चलता देखकर बोले कोई खास खबर आ रही हैं'. 
' हा, आज मुझे देश बड़ा खर्चा बाचने का तरीका मिल गया ' मैंने उत्तर दिया.
' तुम तो हमेशा ही देश की चिंता में घुले रहते हो, अरे भाई कभी यारो दोस्तों का भी पता ले लिया करो , हम भी इसी शहर में रहते हैं ,' वर्मा जी ने उलाहना देते हुए पूछा, ‘वैसे तुम्हारा आईडिया क्या है.
'यार, अभी मैं एक स्टिंग ऑपरेशन देख रहा था  कि कैसे एक राज्य का मुख्यमंत्री अपने जन्मदिन के शुभ अवसर पर बार-बालाओं के साथ नृत्य कर रहा था और किस प्रकार चैनल के संवाददाता ने जानकारी मिलने पर उसी होटल में अपना कमरा बुक कराया और किस प्रकार वह छद्म रूप से उस पार्टी में प्रवेश करके रिकॉर्डिंगकी . मैंने उत्तर दिया.
'परन्तु इसमें नई बात क्या है. आजकल खूब स्टिंग हो रहे हैं.' वर्मा जी ने कहा.
' यही तो बात है कि हमें इस चीज का देश हित में लाभ उठाना चाहिए. क्यूँ न हम जासूसी के काम को आउटसोर्स कर के देश के सारे चैनलों को देदे . यार क्या यह ठीक नहीं रहेगा कि अंग्रेजी चैनलों को अंग्रेजी भाषा वाले देशों की जासूसी पर लगा दिया जाय, स्थानीय (लोकल) चैनलों को एशिया के देश दे दिए जाय, शेष विश्व  के देश हिंदी चैनलों को दे दिए जाय. धार्मिक चैनलों को धर्म-परिवर्तन करने वाले देशों के पीछे लगा दिया जाय. इससे दो लाभ होंगे
१. हमें समस्त विश्व की गुप्त जानकारी पहले से ही मिल जाएगी, मसलन कौन कहा ब्लास्ट करेगा, कौन कहाँ से हमला करने की सोच रहा है.दाऊद कहाँ रह रहा हैं आदि -आदि, और हम देश को सुरक्षित रख पाएंगे. देश के संसाधनों की बड़ी बचत होगी जिसका उपयोग सामाजिक कार्यो के लिए किया जा सकेगा.देश के विशिष्ट व्यक्तियों को और अच्छी तरह की सुरक्षा दे सकेंगे , देश का हर नागरिक स्वस्थ होगा ,शिक्षित होगा और समृद्ध होगा 
२. ऐसी खबरे लाने पर चैनलों की टी आर पी बढ़ेगी और वे महंगे संवाददाता रख सकेंगे . ' मैंने यह कर सारी सोच वर्मा जी पर उडल दी .
वर्मा जी  बोले 'यार चैनल बंद करो . आपके  कई पत्रकार मित्र होंगे ही '
'हाँ, हाँ , कई है,'  पर  आपको इन सब की क्या जरुरत आन पड़ी हैं,क्या कोई स्टिंग कराना है,'मैंने विस्मयपूर्वक पूछा.
' हाँ, यार तुम्हारे घर पर में धार्मिक आस्था वाले, संस्कार देनेवाले, खुदा को सलाम करनेवाले चैनल देखने आया था.परन्तु तुम्हारे साथ वार्तालाप ने सोच की दिशा ही बदल दी.' वर्मा जी ने कहा .'यार मैंने भी अब एक स्टिंग कराना हैं.'

'स्टिंग, परन्तु किस पर, यार, तुम तो शरीफ आदमी हो, सुरा और सुंदरी से तुम्हारा दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं,रिश्वत लेने और देने वालो को पास फटकने नहीं देते , शांत चित्त हो,झगडा तुम करते नहीं किसी से, फिर तुम किसे पकड़वावगो. मैं तुम्हे बरसो से जानता हूँ मैंने प्रश्न किया .
'यार मैंने यहाँ आने पर तुमसे जो बात हुयी , मुझे लगा कि मुझे खुद पर एक स्टिंग करा लेना चाहिए,' कहकर वर्मा जी मुझे   चोंकाया . मेरा मुह खुला का खुला रहा गया और मैं सर पकड़ कर बैठ गया.
'पर क्यूँ भाई,’मैंने दोबारा प्रश्न किया.
'यार स्टिंग के मुझे कई अप्रत्याशित लाभ होंगे सुनो
१. मुझे मुफ्त में देश विदेश में शोहरत मिलेगी क्यूंकि  चैनल पर खबर सारी दुनिया देखेगी.
२. कई पत्रकार भी लाभान्वित होगे.अच्छा कामकरने पर उनकी तरक्की होगी.
३.स्टिंग के बाद मुझे कई फिल्मो और पप्पू ढोल जैसे सीरियल में काम मिल सकता है. अतः आय में वृद्धि होगी. एक घर का सपना है जो पूरा हो सकेगा.
४.मुझे राजनीति में प्रवेश मिल सकेगा . उन्हें एक जाना पहचाना चेहरा मिलेगा जो वोट दिलाएगा.मुझे जीतने   पर मंत्री भी बनाया जा सकता हैं.
' पर तुम्हारा स्टिंग कोई क्यूँ करेगा ? पहले तुम्हे कुख्यात होना पड़ेगा,' मैंने सलाह दी.
' यार , आजकल कोई जरुरी नहीं सच का होना. सब कुछ हो सकता हैं यार, मुझे किसी गटर/गली का एक नामचीन व्यक्ति बता देना . कही- कही मेरा  फोटो लगा कर बार-बालाओं के डांस करा दो , किसी भी महिला को पकड़ कर फिट कर देना , चाहे नकली रुपये की रिश्वत  देकर मुझे पकडवा दो, आदि-आदि . सब चलेगा.' वर्माजी कहा.
'परन्तु तुम बदनाम हो जाओगे,' मैंने चेताया.
'अरे यार , अभी क्या विख्यात है. कौन जनता है मुझे,और झूंठ -मूंठ के स्टिंग से से विख्यात हो जाऊंगा .तुम्हे क्या फर्क पड़ता हैं कि अगर बदनाम हुए तो क्या हुआ नाम हो होगा.' वर्मा जी ने कहकर मुझे निरुत्तर कर दिया और मैं स्टिंग कराने के जुगाड़ में लग गया.' शायद मुफ्त में करने वाला कोई मिल जाये .

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